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“ज्योतिष-शास्त्र : अवधारणा एवं अध्ययन की आवश्यकता”

ज्योतिष-शास्त्र छठा वेदांग है; जो एक ओर भविष्य में घटित होने वाली संभावनाओं का पूर्वानुमान लगाता है, वहीं दूसरी ओर भूतकाल में घटित किसी आकस्मिक घटना पर प्रकाश डालते हुए उसकी कारण-सहित व्याख्या करता है। ‘ज्योतिष’ शब्द का संधि-विच्छेद करें तो इसका अर्थ सुगमता से समझा जा सकता है– “ज्योतिष = ज्योति + ईश; अर्थात् ईश्वर की ज्योति या ईश्वरीय प्रकाश; जिसके द्वारा जीवन में भूत, भविष्य और वर्तमान को जाना जा सकता है। समस्त मनुष्य जाति के जीवन को सौभाग्यशाली एवं सुखमय बनाने के उद्देश्य से ही वेदों औंर पुराणों में ज्योतिष को एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हुआ है।

“वह विज्ञान, जो ग्रहों के आकार, स्थिति, भ्रमण,काल औंर जीवों पर पड़ने वाले उनके प्रभावों को ध्यान में रखते हुए मनुष्यों एवं राष्ट्रों के लिए भविष्य में होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी तथा भूतकाल में हो चुकी घटनाओं के विश्लेषण द्वारा मनुष्यों तथा पृथ्वी पर रहने वाले अन्य जीवों की प्रकृति के अनुरूप उनमें होने वाले शारीरिक, मानसिक तथा आत्मिक परिवर्तनों को स्पष्ट करता है, उसे ही ज्योतिष-शास्त्र कहते हैं।”
ज्योतिष-शास्त्र पर ऋग्वेद में तीस, यजुर्वेद में चौवालीस तथा अथर्ववेद में एक सो बासठ श्लोक हैं। प्राचीन काल के अन्य शास्त्रों की भांति ही ज्योतिष-शास्त्र भी श्रुति औंर स्मृति परंपरा पर आधारित है।

ज्योतिष-शास्त्र के तीन प्रमुख स्कंध हैं (स्कंधत्रय )–1. सिद्धांत या गणित ज्योतिष, 2. संहिता या मुंडेन ज्योतिष, और 3. होरा या फलित ज्योतिष।
सिद्धांत या गणित ज्योतिष के अंतर्गत सूर्यादि ग्रहों, भचक्र एवं नक्षत्रों आदि की स्थिति, उनकी गतियों के परिवर्तन के आधार पर गणना की जाती है, और इस पर आधारित पंचांग/ जंत्री आदि बनाए जाते हैं। इसे ‘खगोलशास्त्र’ भी कहते हैं।

‘होरा’ शब्द का उद्भव ‘अहोरात्र’ से हुआ है, जिसका अर्थ है–रात औंर दिन का संपूर्ण समय। होरा या फलित-ज्योतिष के अंतर्गत समय की गणना द्बारा किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली बनाकर, उसके जीवन की विगत में घटित तथा आगामी संभावित घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
संहिता के अंतर्गत, नक्षत्रों की स्थिति और उनमें होने वाले परिवर्तनों द्बारा मौसम, महामारी, भूकंप, बड़े राजनीतिक परिवर्तन आदि का पूर्वानुमान किया जाता है। अर्थात् इसमें व्यक्ति-विशेष का नहीं, अपितु ग्रह-नक्षत्रों की आकाशीय स्थिति में परिवर्तन से, सामूहिक रुप से सृष्टि ( मनुष्य एवं अन्य सभी निर्जीव व सजीव प्राणियों) पर पड़ने वाले ज्योतिषीय प्रभावों का अध्ययन किया जाता है।
आधुनिक समय में कई विद्बज्जन ज्योतिष के स्कंधपंच का प्रयोग करते हैं। इनमें तीन स्कंध तो वही हैं- सिद्धांत, संहिता और होरा। प्रश्नशास्त्र और शकुनशास्त्र, और जोड़े गए हैं।

ज्योतिष शास्त्र के कुछ प्रमुख पौराणिक ग्रंथ इस प्रकार हैं–

1. सिद्धांत स्कंध — सूर्य-सिद्धांत, , सिद्धांत-शिरोमणि, सिद्धांत तत्व विवेक, पंचसिद्धांतिका, सिद्धांत शेखर, आर्यभटीय आदि।
2. होरा स्कंध — वृहत्पाराशर होराशास्त्र, वृहत्जातक, जातक-पारिजात, फलदीपिका, सारावली, जैमिनीय-सूत्रम् आदि।
3. संहिता स्कंध — गर्ग संहिता, वशिष्ठ संहिता, नारद संहिता,, आर्यग्रंथ, वृहत्संहिता ( वराहमिहिर कृत), अद्भुत सागर आदि।
4. प्रश्नशास्त्र– प्रश्नशिरोमणि (रुद्रदेव), भृगु मूक प्रश्नशिरोमणि, प्रश्न फलदीपिका आदि।
5. शकुनशास्त्र — शकुन पद्धति, वृहत्पाराशर होराशास्त्र आदि।

वर्तमान में वास्तुशास्त्र को ज्योतिष का छठा स्कंध कहा जाने लगा है, जबकि पौराणिक काल में वास्तुशास्त्र को पाँचवां वेद कहा गया है। वास्तुशास्त्र, ज्योतिष का ही अभिन्न अंग है। चारों ही वेदों – ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद – में वास्तु का वर्णन है; परन्तु वास्तु के सर्वाधिक सिद्धांत अथर्ववेद में ही हैं। मत्स्य पुराण के अनुसार, “निवास-योग्य स्थान ही वास्तु है”। प्रकृति के लाभोंं को, अल्प प्रयास से ही, संपूर्णता में प्राप्त करना ही वास्तुशास्त्र का आधार है।

“यत् पिण्डे तत् व्रह्माण्डे” के अनुसार, निवास-स्थान पर प्रकृति के पंचमहाभूतों ( पृथ्वी, अग्नि, वायु, जल एवं आकाश ) का संतुलन बनाकर ही मनुष्य – जीवन में तीनों स्तरों –शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर — पर उन्नति प्राप्त की जा सकती है, अन्यथा नहीं।
मत्स्य पुराण, समरांगण सूत्रधार, मयमतम तथा मानसार शिल्पशास्त्र आदि वास्तुशास्त्र के प्रामाणिक पौराणिक ग्रंथ हैं।

ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन मनुष्य-जाति के सर्वांगीण विकास हेतु अत्यावश्यक है, क्योंकि यह शारीरिक, मानसिक औंर आध्यात्मिक स्तरों पर उन्नति प्राप्त करने में सहायक है। इसकी सहायता से व्यक्ति, प्रकृति से सामंजस्य स्थापित कर, जीवन को समृद्ध बनाने हेतु अपने लाभजनक प्रयासों को अधिकतम कर सकता है तथा शिक्षा, व्यवसाय, विवाह आदि मूलभूत बिंदुओं हेतु भविष्य की योजनाओं का निर्माण कर सकता है।अत: प्रत्येक व्यक्ति को ज्योतिषीय मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ती है।

महर्षि पाराशर ने अपने “वृहत्पाराशर होराशास्त्र” में उत्तम ज्योतिषी के गुण एवं विशेषताएं बताईं हैं; जो इस प्रकार हैं — गणितीय योग्यता, शब्दशास्त्र में परिश्रमी, न्यायविद, बुद्धिमान, देश- दिक्कालज्ञ, जितेन्द्रिय, ऊहापोह-पटु, होरास्कंध श्रवणसम्मत आदि।
आधुनिक भारत में, वैदिक ज्योतिष के प्रणेता गुरु श्री के. एन. राव ने वराहमिहिर द्बारा बताई गई उत्तम ज्योतिषी की विशेषताओं को और स्पष्ट किया है। इनके अनुसार, ज्योतिषी को हृदय से पवित्र, कार्यक्षम, वाक्पटु, मेधावी, दृढ़-संकल्पशील, शांत अंतर्मन वाला, निर्भीक, शकुन एवं संकेतों का जानकार, निर्व्यसनी, यंत्र-मंत्र-तंत्र का ज्ञाता, आध्यात्मिक एवं आदर्श मार्गदर्शक होना चाहिए। तथा देश, काल व पात्र के अनुरूपही उसेज्योतिष के सिद्धांतों का फलन जानना चाहिए।

ज्योतिष का ज्ञान, मनुष्य के दैनिक जीवन के विभिन्न कियाकलापों से संबद्ध है। व्यवहारिक रूप सेअत्यंत उपयोगी दिन, सप्ताह, पक्ष, माह, अयन, ऋतु एवं वर्ष का ज्ञान इसी से किया जाता है। पंचांग का लेखन भी इसी से किया जाता है, जिसमें- तिथि,वार, नक्षत्र, करण और योग – की जानकारी सारणीबद्ध रुपसे दी जाती है।जिससे वह जनसाधारण हेतु सुगम हो सके। साथ ही, ज्योतिष शास्त्र की सबसे बड़ी उपयोगिता यही है कि दैनंदिन अनिष्ट-निवारण तथा उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु यह एक मुख्य साधन है। यह जीवन के रहस्यों को अंधकार में प्रदीप्त दीपक की भांति उजागर करता है। यह ज्ञान, एक प्रकाश-स्तंभ की भांति, मनुष्यों को कर्मपथ पर अग्रसर करता है।उन्हें अकर्मणीय एवं भाग्यवादी नहीं बनाता। भाग्य के लेख को पढ़ने तथा उसे प्राप्त करने हेतु मनुष्य को कर्मरत होना ही पड़ता है, और ज्योतिषीय ज्ञान, अपार संभावनाओं से भरे भविष्य हेतु हमारा मार्गदर्शक बन जाता है।
इस प्रकार, ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत, भविष्य के गर्भ में छुपी संभावनाओं तथा विगत में घटित घटनाओं पर विश्लेषणात्मक दृष्टि से प्रकाश डालने हेतु, पंचांग का पठन-पाठन/ वाचन-श्रवण अपरिहार्य है। स्पष्ट मानादि के साथ;- तिथि, वार, नक्षत्र, करण, एवं योग – इन पाँचों की सारिणीयो़ को पंचांग कहते हैं। जो भी मनुष्य, यथा-समय पंचांग का ज्ञान रखता है, पाप उसे स्पर्श भी नहीं कर सकता। शास्त्रों के अनुसार, — 1. ‘तिथि’ का श्रवण करने से ‘श्री’ की प्राप्ति होती है। 2. ‘वार’ के श्रवण से आयु की वृद्धि होती है। 3. ‘नक्षत्र’ का श्रवण मनुष्य के पापों को नष्ट कर देता है। 4.’करण’ के श्रवण से कार्य की सिद्धि होती है। और, 5. ‘योग’ का श्रवण रोग-निवारक होता है।

वाल्मीकिकृत रामायण में भी श्री राम के राज्याभिषेक का मुहूर्त, गुरु वशिष्ठ जी पंचांग के अनुसार ही राज्यसभा में प्रस्तुत करते हैं। अत: ज्योतिष में रुचि रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रात:काल पंचांग का पठन- श्रवण अवश्य करना चाहिए।
🚩 राम राम 🚩

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Why Do We Face Ups and Downs in Life?

Life is definitely incomplete without having any uncertainties in the form of ups and downs in life. Astrology can help you by your horoscope prediction as per your zodiac signs. Let’s see Why ups and downs are important in life and how you can resolve them!

 

As we all know, ups and downs in life are an integral part of it we face. There are most of the events in your life, which may arise unexpectedly. Life follows the principle of uncertainty, as we all experienced. But Why ups and downs in life? The outcome of dealing with the situations in life gives the feeling of happiness and sadness. Nothing could be sure about the coming future. All we have to do is the right planning of events, with an awareness of the consequences we may face. Why ups and downs are important in life? Sometimes these ups and downs in life can teach us the lesson of staying calm and confident in these problematic ups and downs in life situations. 

 

Since life is full of breakers and obstacles, which may slow the speed but can’t make you stop at once, life doesn’t have any concept of being stable. It is evident that after a day, night comes, then day arises again. Nothing is permanent; everything is relative and temporary like an illusion, which is just for a while. We must do our actions – Karma, according to responsibilities we get, and fruits are the matter of nature, for which we have no control over it. 

 

Why ups and downs in life and for what basically they meant for !!

Ups and downs of an internship - how to strike the right balance | Internshala blog

As we all know, ECG’s straight-line signifies for the ultimate rest, while the pulsating waves can best represent ups and downs in life. Hence without having ups and downs in life, it is no matter of use. One can be demotivated just because of having downs in life, but the best way to resolve it. Therefore astrology is meant for. Try to be calm even in the worst situations of life. However, it could be not easy but it needs to be. Since they are temporary too, they will get over and leave the experience over you. In the case of happiness, you will rejoice in the life benefits, the astrology, and birth chart to determine all of this. Obstacles even teach you a lot and prepare you for facing even worse situations wisely. We can learn to adjust our emotions, whether in happiness or sorrow. But the necessary thing is to continue the ECG pulsating, not a steady line. 

 

As we are the best teachers of ourselves, peace is within us. The real need is to find that spirituality that lies in us. Life is like a spring that oscillates itself between good and evil, completely unpredictable even by physics laws. It may be a good time to switch itself to a bad one in an instant or be vice-versa. The better thing is to appreciate all that we got, whether in the form of rituals or worship, and try to be calm and courageous during dire moments. These bad moments could be any obstacles or restrictions in career, marriage, job, or business. There are many instances in history where we can learn the courage, passion, and determination to face the challenges vigorously and even defeat them. We can look for a better future in case of having problems that give the better sight of the hope that keeps you fighting during bad times to the challenges you are dealing with.

 

How to Deal with ups and downs in life patiently? 

As joy comes from knowing what to dread, then you must ensure with following ways to handle them wisely:

  • By having the right attitude, people can resolve all the issues wisely. It will give them self confidence as a necessary thing for surviving with hope in difficult times. Dealing with a situation with more peace gives you stability. The best way of having peace is meditation, disciplined life, listening to music, and devotion to god. They will keep you boosted during sorrow times. 

 

  • Be ready to face the shame, guilt, and regret those things which we think as apologists. Mistakes are often, but the best way to deal with them is by making yourself apologists for unexpected mistakes and try to avoid them in the future. Try to be as calm, loving, and compassionate with others and even yourself too. Don’t make anybody down and keep rejoicing everyone as possible.  

 

  • Failures are often, and we must learn to face them. Fear is the main villain in our life. It restricts us from thinking for better decisions and to face challenges from which we can take a good experience to shape our destiny. 

 

  • Maintain your confidence by believing yourself with your abilities. Make trust in yourself and your well-wishers. Try don’t expect from every good you did, have patience, your good deeds won’t go waste, and will rejoice you with having benefits in the future. 

 

    • You can manage every problem you face and even help others if you think patiently and are really concerned about your problem. Every issue takes them some hope for good. If you lose your control, then it could be worse than the current situation. 

Why AstroGanesha?

Astro Ganesha is a team of all well-renowned astrologers who always finds a way to motivate all its clients through the best disciplinary science of astrology. All the ups and downs in life, obstacles in marriage, jobs, startups, education, etc., are strongly recommended to consult the expert team to resolve such problems. The current article is there to discuss and look at your life circumstances in an astrological way. And try to emphasize searching for the answers for Why ups and downs in life and Why ups and downs are important in life? Book Consultancy Now!

Conclusion

It is necessary to remind the wise advice regularly so that it is easy for us to choose the correct decision during bad times. The one who gets disappointed with the ups and downs in life can’t resolve it. The problem needs to be resolved. For this, we have to keep confidence within ourselves. Blaming is just the frustration over such situations that affect your health and psychology. The regular ups and downs keep strengthening our body and inner spirit. The best fruit for the soul is learning from experience that a person gets from ups and downs in life. It all depends on how a person handles. 

 

Also Read: How Much Vastu Shastra is Significant for Us?

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Astrology

Why Do We Need Astrology in our life

Astrology is that ancient science which mainly denotes a person’s past, present, and future too. It is much helpful to predict the future of people and also to forecast the upcoming events. With this we can detect any mishappening that will occur in the forthcoming time. In today’s modern era astrology is very much significant. We can have the vision of our coming future so precisely. Today Astrology can actually guide us to make important life decisions related to aspects such as career, finance, marriage, health, etc.

From the Two Greek words Astra (Star) and Logos (Logic), astrology is being derived. The planets and the stars can be studied with astrology’s help. A person’s life is heavily influenced by the planets. Sometimes people face certain incidents in life that several questions generate in their minds that why all this is happening to them?, Why they are facing continuous problems, etc. Astrology never says that we just need to be dependent and rely on fate only. Rather today astrology focuses more on the line that- Today’s karma is the fate of tomorrow for us.

Astrology is the Key to Unlock your Life Happiness

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AstroGanesha is the team of renowned astrologers who provide the right guidance through today astrology science. All the members of this team are very experienced, learned, and skilled in the astrology profession. These astrologers are always available for you to discuss your life issues. They are much genuine and can suggest you the most authentic workable tips to follow in order to bring your life on the right track again. The AstroGanesha team is a fantastic group of people who know how to get you rid of stress, anxiety, multiple sorts of life problems, love horoscopes, etc. Astrologers are efficient professionals who can suggest astrology by date of birth for proper guidance. You can get the best Astrological predictions from the best astrologers in India. Some also offer free astrology to people.

Importance of Rational Astrology Science in Human Lives

Astrology provides us the right path to deal with our life problems with ease. It acts as a connecting cord that links us to our past, present, and the coming future. It never knows any gender, caste, nationality, or religion. Our everyday life matters. We can say that Astrology is that treasure for us which can make our lives more fruitful and prosperous. Marriage problems can be solved if correct astrological remedies are adopted. Today Astrology can reveal a person’s true nature and identity. People who are consistently dealing with failure in a career can brighten their career aspects through astrology itself. Astrology can also help us resolve all types of bad karmic patterns in our chart and we can know our true horoscope by date of birth.
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Astrology revolves around the planets and it surely influences us on every step of Life….!!!!

We can actually enhance our lives with today’s astrology’s help that uses zodiac signs. Planets have the power to influence human lives. Our energy is being signified by the sun. We get successful when the sun is strong in our Kundli. While Saturn gives us the right justice and mercury denotes our intelligence. Mental strength and stability of the mind come from the moon in our chart. Venus denotes love, comfort, and life luxuries. Most people regularly read in newspapers regarding love horoscopes today and things like my horoscope to know about their future. Our married life is being affected by the beneficial planet Jupiter. Our desire, energy, and action are influenced by the planet Mars. A person’s future can be judged accurately from his/her birth chart. Today people are facing many obstacles, hindrances, and problems in their life. Best Astrologers can help them a lot to get out of their life troubles by examining astrology signs.

Astrology Grants Several Fruitful Benefits to Us

The everyday life of the person is affected and influenced by astrology in the following way:

  • With today astrology natal charts of the person can be studied and examined to know the future.
  • Vedic Astrology can help us navigate all different sources of life’s ups and downs.
  • It’s the best way through which we can deal with the life phases and plan our future.
  • Today Astrology by date of birth can tell us what could be the best time for us to initiate something new.
  • Astrology is the way with which we can shape our life by implementing good things and inculcating good deeds to receive good results in the future.
  • With authentic astrological tips, we can gain much aid to rectify our mistakes. You can also get your free horoscope from any website.
  • Vedic Astrology suggests better ways to live life the way we desire and helps a lot to bring out the best in us. Nowadays online horoscopes are also available on the internet.
  • Astrology signs have solutions to solve issues like marriage problems, love, career growth, downfalls in life, etc.
  • Vedic astrology helps us to view ourselves more clearly with the help of our exact natal charts or the horoscopes.
  • It is important as we can be aware of any upcoming future threat in life if we are well aware of Vedic astrology.
  • It is not at all fake and has the ability to change our life.
  • It is clearly associated with planets and can also change their influence on our lives. One can also read free horoscope online.
  • It brings all the positive and negative aspects of our chart on the surface so that we can judge ourselves properly.
  • It can make us learn and know what to do and what not to do in life.
  • It can actually shape our destiny if we understand the concept of karma.
  • It mainly focuses that our own karmas are the key to our future in life.
  • It is an authentic science on which we can rely and trust.
  • With it, we can analyze our future growth much clearly and adopt strategies to make life smooth and easy to live.
  • It can forecast the future major life events through examination of our astrology signs so that we can prepare ourselves according to that.
  • It gives us the right hope to deal with the life-threatening situations properly.
  • It can suggest to us the rightest path of dharma to be followed.
  • It can bring happiness and security in our life by improving our planets through authentic remedies.

Conclusion

Astrology is that special science that can definitely enhance our human lives. It holds the key to unlock our true destiny. It is much precise, accurate, and authentic. Our life can become more peaceful and worth living if we follow the path of discipline and righteousness. Astrology teaches us to perform good karma in life as it is the only way through which we can become more pious and balance out our karmic debts if any. With AstroGanesha, you can contact the eminent special team of the best astrologers for free horoscopes online. They can support and guide you in the best possible way. You can also know about the horoscope today, daily horoscope, accurate free astrology predictions, etc from the site.

Also Read: Why do wear Astrological Gemstones

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Why Do We Wear Astrological Gemstones?

What are Gemstones? 

Gemstones are the stones that are in the form of mineral crystal that can be cut and polished to give its different shape and size. Gemstone in astrology is usually used for astrological purposes by an astrologer to provide the benefit to the person against any of the planet which is weak. Popular Gemstone usually has a prismatic charm, which creates the negative effects of demolition. Every planet has its own gemstone to work with but the astrology gemstones should be worn under the guidance of the astrological effect otherwise sometimes it can radiate negative radians which can create the problem for life

Gemstones are original and artificial as well as real gemstones are expensive and provided naturally by the earth, water, and animals. In the previous era, the original gemstones were worn in the form of ornaments by the royal people of the country as well it can be used as the monetary terms. Gemstones show the royalty and charming personality of anyone who owes. And astrology today demands the use of gems to a great extent.

Gemstone in astrology have different powers to provide as: 
  • Healing
  • Positivity in the particular environment 
  • Creating connections 
  • Charminess

There are different gemstone names and gemstone types. Gemstone astrology is a very important aspect as the gemstone in astrology is worn according to the given astrology by date of birth which is known as birthstones.

Uses of Gemstones in Astrology 

Every planet and sign have their own individual gemstone in astrology which have their benefits, importance, and impacts on the person whoever uses the gemstones. So, there are different gemstones names with their usage:

Gemstone Ruby

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Ruby is a Gemstone for Leo. Gemstone Ruby strengthens confidence, concentration, mental power, and heart. This gemstone in astrology helps in creating self-image and helps to overcome the timidity and foolishness. Ruby Gemstone is generally preferred for people who have weak Sun in their birth charts. A stone of Sun is the best way to improve the purest energy of the Sun through this energetic gemstone. For under confident-nervous people, Ruby is the stone to bring them in the limelight and help them to flaunt in up-neck confidence

 

 

Gemstone Pearl

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Pearl is used for mental peace and tranquillity. It is used internally to treat many ailments. And can show the strengthening effects also. Pearl is a precious stone for people who remain frustrated all the time, seeking for chill and peace. Pearl white is especially for people who are always in tension and have a habit of overthinking. Also, Pearl or Moti stone is for people whose bodies generate excessive heat and are very aggressive. To control the situation of over-aggression, this stone is suggested by experts. You can wear this Moti Stone in a Silver Ring. 

Gemstone Yellow Sapphire

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Yellow gemstone sapphire strengthens the heart and also builds lung and kidney energy. This gemstone in astrology protects from accidental death. Gemstone sapphire provides happiness and courage and reduces anger. Especially for Yellow energy and can be worn to strengthen planet Jupiter. The Pukhraj Stone or Yellow Sapphire protects the wearer from evil and thus provides internal satisfaction and peace. It enhances spiritual feelings, devotion, and unfolds intuition. As Jupiter is said to be a planet of marriage, so people who have not happy married life can also prefer wearing Yellow Sapphire in their Right Hand – Index Finger. 

 

Gemstone Blue Sapphire

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Since Saturn rules the nervous system in a human body, Blue gemstone Sapphire is related to Saturn and helps in handling the nerve-related tensions, neurological disorders, etc. Neelam Stone or Blue Sapphire builds up muscles and skeletal systems and also helps to heal arthritis. The stone is also beneficial to protect a person from theft, accident, terror, or sometimes problems caused due to natural calamities

 

Gemstone Emerald


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Emerald (Panna) Stone is to be worn for Planet Mercury which is denoted by the green color. There are plenty of benefits of Emerald Gemstone such as it helps to improve mental abilities and gives a better expression of thoughts. Gemstone Emerald brings prosperity and improves writing skills, enhances the power of speech, and promotes intelligence. The greenstone also helps in making better decisions in life.

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Gemstone Opal

Opal is a Gemstone for Venus (Shukra Planet). A Venus symbolizes the venusious desires of a human mind and body. Be it a desire for physical luxuries or bodily comforts. This stone is especially to be worn for marital bliss, love, relationships, sexual compatibility, fertility, and many more. Gemstone Opal helps to strengthen the bone marrow and reproductive tissues. It also provides relief through migraine, fever. 

 

Gemstone Red Coral

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Red Coral is a stone for Mars (Aries & Scorpio). Red Coral Gemstone in Astrology imparts courage and helps in overcoming fear. It also helps individuals to be strong when they fall trap of their own nervousness. This Red Stone can boost the self-esteem of the wearer and leaves amazing health benefits. It also helps in improving your skin and to heal skin problems such as boils, acne, and more. 

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Gemstone Cat’s Eye

This precious stone gets its name because of its similar qualities with the color and structure of a cat’s eye. This stone is too worn for “Ketu” to reduce the evil effects on individuals. Cat’s eye gemstone is good for curing allergies, cold, congestion, and allergic asthma. It helps to heal kidney and dysfunction. It works on psychological healing and helps to prevent negative influences on individuals. Cat’s eye stone is also considered as a stone for debts, by wearing this people can get relief from heavy debts

 

Conclusion

Gemstone in Astrology plays a major role to strengthen an individual personality, internally as well as externally. Every planet has its own gemstone which has similar power to heal any negative implications of any planet in an individual’s birth horoscope. As it is always said every problem comes with its solution. So here, Gemstone in Astrology is a wonderful solution to your every problem in life, then be it physically or mentally, related to property or disturbances in relationships. Find your own Gemstone and heal your every wound with Astrology Gemstones. 

 

AstroGanesha is here to consult you for your future planning. We have India’s top Astrologers, Tarot Card Readers, Palmists, Numerologists, Face Readers, Reiki Healers, and Psychics. You can choose any of our team’s best astrologers who can fit your question criteria. 

 

Also Read: Why Do We Need Astrology in our life?

 

 

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Happy Ganesha Chaturthi

गणेश चतुर्थी
आज गणेश चतुर्थी के शुुुभ अवसर पर इसके इतिहास के बारे में जानते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद की चतुर्थी तिथि को दिन के मध्यकाल में गणेश जी का जन्म हुआ था।
मुगलों से शिवाजी द्वारा लड़ाई के समय महाराष्ट्र में लोगों की एकता बनाए रखने हेतु इसे शिवाजी ने सामाजिक उत्सव का रूप दिया था
सन 1892 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इस त्यौहार को, जो कि सिर्फ घर में मनाया जाता था, जनता को जागृत करने के लिए इसे सामाजिक रूप दिया था। जिसका प्रारूप आज तक चल रहा है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों में इसे काफी धूमधाम से मनाया जाता है।
इस वर्ष गणेश चतुर्थी आज, 22 अगस्त 2020 , शुक्रवार को मनाई जा रही है।चतुर्थी का प्रारंभ 21 अगस्त को रात्रि 11:02 पर हो रहा है और 22 अगस्त को सुबह 7:57 तक चतुर्थी है। उदय कालीन तिथि सूर्य उदय के समय के बाद तक रहेगी, इसलिए गणेश चतुर्थी 22 अगस्त की मानी जाएगी।

स्थापना एवं पूजन का समय
गणेश जी की स्थापना एवं पूजन के लिए सुबह 11:06 से 1:42 तक का समय बहुत अच्छा माना गया है ।करीब 2 घंटे 36 मिनट का समय गणेश स्थापना एवं पूजन का मिल रहा है।
सर्वप्रथम ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर शुद्ध सात्विक कपड़े पहनें। फिर पंचांग से शुभ मुहूर्त देखकर गणेश जी की प्रतिमा लाएं। घर में चौकी की स्थापना करें, जो कि पूर्व या उत्तर की तरफ रखें, चाहे तो पूर्वोत्तर के कोने में भी रख सकते हैं। चौकी को शुद्ध गंगाजल से साफ कर उस पर हरा या लाल कपड़ा बिछाएं। तत्पश्चात थोड़े से चावल रखें और उन चावलों पर गणेश जी को विराजमान करें। गंगाजल डाल शुद्ध करें। तत्पश्चात उन्हें जनेऊ धारण कराएं और बाएं तरफ चावल रख कलश स्थापना करें। कलश पर स्वास्तिक का चिन्ह जरूर बनाएं और कलश पर अर्थात कलश के नारियल पर लाल डोरा बांधे।
बाई ओर एक दीपक स्थापित करें। फिर गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं, पंचमेवा और मोदक का भोग लगाएं। तत्पश्चात फूल माला और रोली भगवान को अर्पित करें, रोली से गणेश जी को टीका लगाएं और फिर बाई और रखा दीपक जलाएं। ध्यान रहे दीपक अखंड जलते रहना चाहिए।तत्पश्चात कपूर या घी के दीपक से आरती करें।
बाएं हाथ की तरफ घूमी हुई सूंड वाले गणेश जी लाने चाहिए। गणेश जी की मूर्ति में इस बात का भी ध्यान रखें कि एकदंत, अंकुश और मोदक अवश्य होना चाहिए। साथ ही एक हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में होना चाहिए और मूषक भी होना चाहिए। गणेश जी की मूर्ति खड़ी हुई नहीं लानी चाहिए। जिन्हें संतान सुख की इच्छा है, उन्हें बाल गणेश लाने चाहिए। नाचते हुए गणेश जी की स्थापना करने से घर में आनंद उत्साह का वातावरण बना रहता है। इस प्रकार की मूर्ति की पूजा करने से छात्रों और कलाकारों को विशेष लाभ प्राप्त होता है।
क्या ना करें
गणेश जी को कभी तुलसी अर्पित ना करें। गणेश जी की पीठ के दर्शन ना करें। गणेश जी की परिक्रमा जगह पर खड़े होकर ही करें अर्थात जगह पर घूम कर ही परिक्रमा मानें। एक ही गणेश जी की स्थापना करें।गणेश जी के साथ-साथ रिद्धि – सिद्धि, तुष्टि – पुष्टि, लाभ – शुभ की पूजा भी करें और साथ में मूषक की पूजा भी करें। गणेश जी की पूजा में सफेद चंदन का प्रयोग न करते हुए लाल चंदन का प्रयोग करें।
मंत्र– ॐ रिद्धि सिद्धि तुष्टि पुष्टि श्री लाभ शुभ आमोद प्रमोद सहिताए महानगणपतायै नमः
इस माला का जाप करने से सर्व कामनाएं पूर्ण होती हैं।
मंत्र — ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।। एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
यह गणेश गायत्री मंत्र भी सभी बाधाओं के निवारण में सहायक है।
मंत्र– ऊं वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभः।
निर्विघ्नम् कुरुमेदेव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।
यह विद्यार्थियों के लिए विशेष उपयोगी है।

गणेश जी के जन्म की कथाएं
श्रीगणेश के जन्म की पौराणिक कथाएं भी निराली हैंं। वराहपुराण के अनुसार भगवान शिव पंचतत्वों से बड़ी तल्लीनता से गणेश का निर्माण कर रहे थे। इस कारण गणेश अत्यंत रूपवान व विशिष्ट बन रहे थे। आकर्षण का केंद्र बन जाने के भय से सारे देवताओं में खलबली मच गई। इस भय को भांप शिवजी ने बालक गणेश का पेट बड़ा कर दिया और सिर को गज का रूप दे दिया।
दूसरी कथा शिवपुराण से है और यही लोकप्रिय भी है। इसके अनुसार देवी पार्वती ने अपने उबटन से एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डाल दिए। उन्होंने इस प्राणी को द्वारपाल बना कर बैठा दिया और किसी को भी अंदर न आने देने का आदेश देते हुए स्नान करने चली गईं। संयोग से इसी दौरान भगवान शिव वहां आए। उन्होंने अंदर जाना चाहा, लेकिन बालक गणेश ने रोक दिया। नाराज शिवजी ने बालक गणेश को समझाया, लेकिन उन्होंने एक न सुनी।
क्रोधित शिवजी ने त्रिशूल से गणेश का सिर काट दिया। पार्वती को जब पता चला कि शिव जी ने गणेश का सिर काट दिया है, तो वे कुपित हुईं। पार्वती की नाराजगी दूर करने के लिए शिवजी ने गणेश के धड़ पर हाथी का मस्तक लगा कर उन्हें जीवनदान दे दिया। तभी शिवजी ने उन्हें सामर्थ्य और शक्तियां प्रदान करते हुए गणों का देव बनाया
🚩राम राम🚩

—श्रद्धा मेहरा टंडन

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